Thursday, November 25, 2010

पेंशन वितरण 27 तक

पात्र को पेंशन वितरण करते पेंशन अधिकारी रूपविन्द्र बिश्नोई ।
पेंशन लेने के लिए लाइन में बैठे पात्र ।
ऐलनाबाद 24 नवम्बर(सुनीत सरदाना)नगरपालिका ऐलनाबाद में पेंशन वितरण का कार्य दिनक 24 नवम्बर से शुरू हुआ,जो कि 27 नवम्बर तक चलेगा,यह जानकारी नगरपालिका के पेंशन वितरण अधिकारी रूपविन्द्र बिश्नोई ने दी। उन्होंने यह भी बताया की यह पेंशन वितरण,जिसमें अलग अलग वार्ड के लोगों के विभिन्न सुपात्र व्यक्तियों को दी जा रही है। कल शुरू हुई पेंशन वितरण में वार्ड 1 से 5 के पात्र लोगों को पेंशन वितरित की गयी जिसमें बुढ़ापा पेंशन क्रमश: 500 व 700 रुपये,750 रुपये विधवा पेंशन,70 प्रतिशत विकलांग को 500 रुपये,100 प्रतिशत विकलांग को 750 रुपये,लाडली योजना के पात्रों को 500 रुपये व विधवा के बच्चों की पेंशन 200 रुपये दी जा रही है। बिश्नोई ने यह भी बताया कि दिनांक 24 नवम्बर को वार्ड 1 से 5 के पात्रों को,25 को वार्ड 6 से 10, 26 को वार्ड 11  से 13 के पात्रों को व दिनांक 27 नवम्बर को बाकी बचे वार्ड के पात्रों को पेंशन वितरित की जाएगी।    

नव विकास सम्मान रैली खोलेगी सिरसा-फतेहाबाद के लिए विकास के रास्ते:गिल्लांखेड़ा

कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते गिल्लांखेड़ा।
नाथूसरी चौपटा 25 नवम्बर (हरविंदर/प्रीती/सुनीत)कार्यकर्ता पार्टी कि रीढ़ कि हड्डी के समान हैं और कार्यकर्ताओं का यह फ़र्ज़ बनता है कि वे सरकार की जनकल्याणकारी एवं विकासकारी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाए ताकि जरुरतमंद व्यक्ति लाभ उठा सके। यह कहना है मुख्या संसदीय सचिव प्रह्लाद सिंह गिल्लांखेड़ा का। गिल्लांखेड़ा आज नाथूसरी चौपटा की शिव धर्मशाला में 5 दिसंबर की फतेहाबाद में होने वाली नव विकास सम्मान रैली के संदर्भ में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के सबसे अधिक संख्या में रैली में पहुंचेंगे ।
यह रैली फतेहाबाद-सिरसा क्षेत्र के लिए एक नई सौगात लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि वे अपने कर्तव्य का पालन निष्ठा से निभाते है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की करनी और कथनी में कोई अंतर नहीं है। वे विकास पुरुष है। उनकी महान छवि के कारण आज प्रदेश दिन दोगुनी और रात चौगुनी उन्नति कर रहा है और देश में हरियाणा नंबर वन बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हुड्डा के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित हुए है। उन्होंने कहा कि इस रैली के उपरांत नए-नए विकास कार्यों की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से पांच दिसम्बर को आयोजित रैली ऐतिहासिक रैली होगी और विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। सरकार की भूमि अधिग्रहण, नई खेल व शिक्षा नीति इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी विवाह शगुन योजना, राजीव गांधी बीमा योजना, गरीबों को सौ-सौ गज के प्लाट आदि विभिन्न योजनाओं की अन्य राज्य की सरकारें भी अनुसरण कर रही है और पूरे देश में इन नीतियों की प्रशंसा की जा रही है। इस अवसर पर पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल, ब्लाक प्रधान लाधुराम पूनियां, अनिल खोड, मा.सूबे सिंह, अजीत राव, राजपाल भांभू, बलबीर जांदू, दलीप बुडानियां, सुरेश मेहता एडवोकेट, हवासिंह कासनियां, मेवा सिंह, गुरमेल गिल, दरिया सिंह कासनियां, रणजीत पूर्व सरपंच, मोहर सिंह नैन, बंसी सरपंच, अश्वनी ढूकड़ा सहित विभिन्न गांव के सरपंच व पंच, पार्षद भारी संख्या में उपस्थित थे।

एड्स का इलाज केवल बचाव और सतर्कता:परमवीर

मोटरसाईकल  जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखा कर रवाना करते सिंह व तंवर ।  
जाखल 25 नवम्बर (सुनीत सरदाना)एचआईवी एड्स एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी का बचाव ही उपचार है। समय रहते हुए अगर इस बीमारी से नहीं बचा गया तो सर्वनाश हो जाएगा।  
    यह बात प्रदेश के कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने रेड रिबन एक्सप्रैस टे्रन के स्वागत समारोह में लोगो को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि एड्स एक ऐसी बीमारी है जिसका एकदम से पता नहीं चलता। धीरे-धीरे यह व्यक्ति को मौत के मुह में पहुंचा देती है। सरकार इस गंभीर बीमारी के प्रति सचेत है। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि यह गंभीर बीमारी लोगो में न फैले। इसके लिए हरियाणा एड्स कन्ट्रोल सोसायटी समय-समय पर विचार गोष्टि, सेमिनार व प्रदर्शनी आयोजित कर लोगो को जागरूक करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जागरूकता से ही इस बीमारी के फैलने पर काबु पाया जा सकता है। यह सब जन सहयोग से ही होगा। उन्होंने कहा कि लोगो को अभी इस बीमारी के बारे में इतना अधिक ज्ञान नहीं है। जागरूकता अभियान चलाकर लोगो को जागरूक करना होगा तभी इस भंयकर बीमारी को रोका जा सकता है।
    कृषि मंत्री ने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन और नैश्नल एड्स कन्ट्रोल आरगेनाईजेशन का यह बेहतर प्रयास है कि उन्होंने इस जागरूकता अभियान को जारी रखते हुए रेड रिबन एक्सप्रैस ट्रेन को शुरू किया है। उन्होंने कहा कि यूपीए की चैयरपर्सन व राजीव गांधी फाउडेशन की अध्यक्षा श्रीमति सोनिया गांधी  ने इस रेड रिबन एक्सप्रैस ट्रेन को 1 दिसम्बर 2009 को  सफदरजंग रेलवे स्टेशन नई दिल्ली से हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। इस ट्रेन में भारत के विभिन्न राज्यों में जाकर एड्स जागरूकता फैलाई, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने लोगो से संकल्प दोहराया कि एचआईवी एड्स को जड़मूल से समाप्त करने में सहयोग करेगे।
    समारोह को संबोधित करते हुए सिरसा लोकसभा के सांसद डा. अशोक तंवर ने कहा कि युवा एचआईवी एड्स के प्रति जागरूक होकर इसकी अलख गांव-गांव जाकर आम जन तक पहुंचाऐ। उन्होंने कहा कि पहला सुख निरोगी काया है। जब तक हमारा शरीर स्वस्थ नहीं होगा तब तक दूसरे विकास की बात बेमानी है। उन्होंने कहा कि एचआईवी एड्स पिछले एक दशक में तेजी से फैला है, जो चिन्तनीय है। भारत में 2 लाख से अधिक लोग इस गंभीर बीमारी की चपेट में है। इस बीमारी से लडऩे के लिए युवा आगे आए और लोगो को जागरूक कर इस महामारी को रोकने का काम करें। उन्होंने कहा कि रेड रिबन एक्सप्रैस ट्रेन का अभियान का उद्देश्य तभी सफल होगा जब इस ट्रेन से ली गई जानकारी को जन-जन तक पहुंचाकर इस बीमारी के प्रति लोगो को सचेत किया जाएगा।
    डा. तंवर ने स्कूली छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे गांव में जाऐं और लोगो को एचआईवी एड़स से बचाव के उपाय बताऐ। लोगो को बताऐ की एचआईवी एड्स किस प्रकार की भंयकर बीमारी है और यह किन कारणो से फैलती हैं। उन्होंने कहा कि युवा ही इस बीमारी को जड़मूल से समाप्त करने में अपना बेहतर योगदान दे सकते है। उन्होंने मौजूद पंच, सरपंच, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक-धार्मिक संगठनो से कहा कि इस बीमारी को समाप्त करने में सरकार व प्रशासन का सहयोग करे।
    उपायुक्त विजय सिंह दहिया ने दोनो अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि रेड रिबन एक्सप्रैस ट्रेन जाखल में पहुंची है। इस ट्रेन के माध्यम से जिला के 20 हजार से ज्यादा लोगो को जागरूक किया जाएगा। इस ट्रेन का दिया गया संदेश जन-जन तक पहुंचाने के  लिए जिला प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि एचआईवी एड्स से लडऩे के साथ-साथ हमें एचआईवी पीडि़त व्यक्ति की हर संभव सहायता भी करनी होगी। सामाजिक तुष्टिकरण को रोककर एचआईवी पीडि़त व्यक्ति को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना होगा। उन्होंने लोगो से कहा कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम में न रहे और इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। उन्होंने लोगो से कहा कि इस ट्रेन के बारे में अपने अड़ोस-पड़ोस के परिवारो को बताऐ ताकि वे भी एड्स के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके।
    कार्यक्रम में सीविल सर्जन डा. ओपी आर्या ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासो की जानकारी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर गोष्ठियां व कैम्प लगाकर लोगो को जागरूक कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास है कि इस बीमारी को फैलने से रोका जाए। डा. आर्य ने कहा कि 26 नवम्बर तक ट्रेन जाखल स्टेशन पर लोगो को देखने के लिए उपलब्ध रहेगी। इस समारोह का समापन 26 नवम्बर को सायं 5 बजे होगा जिसमें अतिरिक्त उपायुक्त अशोक कुमार मीणा व पुलिस अधीक्षक जेएस लाम्बा अतिथि होगें। उन्होंने जिला वासियो से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में जाखल स्टेशन पर पहुंचकर रेड रिबन एक्सप्रैस ट्रेन का अवलोकन करें।
    इससे पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह व सांसद डा. अशोक तंवर ने एड्स जागरूकता के लिए 50 युवाओं के मोटर साईकल जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा एड्स जागरूकता से जुड़े दो प्रचार वाहनो को भी रवाना किया।  ये सभी वाहन पूरे जिला में दो दिनो तक एड्स के बारे में प्रचार व जागरूकता का कार्य करेगें। कृषि मंत्री व सांसद ने रेड रिबन एक्सप्रैस ट्रेन का भी अवलोकन किया और एड्स के बारे में जानकारी प्राप्त की। समारोह में बच्चो ने एड्स व अन्य बीमारियों से बचाव बारे सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से संदेश देने का काम किया।
    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक जेएस लाम्बा, उपमंडलाधीश अश्वनी मैंगी, डीडीपीओ कृष्ण मायल, डीओ शेर ङ्क्षसह, हरियाणा एड्स कन्ट्रोल सोसायटी के सयुंक्त निदेशक रामकुमार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयपाल लाली, टेक चन्द मिड्डा, जगजीत हुड्डा, कृष्णा पुनिया, भवानी सिंह, लक्ष्मण नापा, सरपंच जनक राज, दीपक भिरड़ाना, विजेन्द्र भारद्वाज, राजेश सिंघानी, अश्वनी कुमार  सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी, पंच, सरपंच, जनप्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राओं सहित हजारो की संख्या में लोग मौजूद थे।

सरकार की खेल नीति की बदौलत हरियाणा का नाम हो रहा रोशन:कांडा

सिरसा, 25 नवम्बर(सुनीत सरदाना) जब से प्रदेश में हुड्डा सरकार बनी है,तब से प्रदेश के खिलाड़ी हरियाणा प्रदेश का नम्म रोशन कर रहे हैं । सरकार की खेल नीति कि बदौलत ही खिलाडी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे कि एशियाड में पदक जीतने में प्रदेश के खिलाड़ी देशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। यह दावा प्रदेश के खेल राज्यमंत्री के अनुज व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि गोबिंद कांडा ने किया। उन्होंने एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाडिय़ों को बधाई दी।
    उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को खिलाडिय़ों से पूरी आशा है कि वे मैडल जीतने का अभियान जारी रखेंगे। कुश्ती और बॉक्सिंग खेलों में प्रदेश के खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा मैडल प्राप्त करेंगे और एशियाड में पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों का राज्य सरकार द्वारा पूरा सम्मान किया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा खिलाडिय़ों के सम्मान के लिए खेल नीति तैयार की है जिसके तहत खिलाडिय़ों को नगद पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक देश के खिलाडिय़ों ने चार दर्जन पदक अपने नाम किए है जिनमें कई खिलाड़ी हरियाणा के है। कई खेलों जैसे बॉक्सिंग, कबड्डी और कुश्ती में प्रदेश के खिलाड़ी और अधिक मैडल जीतेंगे। इन सभी खेलों में अधिकतर हरियाणा के खिलाड़ी है।
कांडा ने कहा कि हरियाणा में जिस कदर खेलों का प्रचार-प्रसार हुआ है इससे लगता है कि आने वाला समय प्रदेश के खिलाडिय़ों का है। राष्ट्रमंडल खेलों में देश के खिलाडिय़ों ने कुल 101 पदक जीते जिसमें से 37 खिलाड़ी हरियाणा के थे। इस बार भी एशियाड खेलों में अधिकतर पदक जीतने वाले खिलाड़ी हरियाणा के होंगे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के इन खेलों में पदक जीतने का श्रेय खिलाडिय़ों की हिम्मत और सरकार की नई खेल नीति को दिया।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्पैट टेलेंट हैंट योजना शुरु की गई है जिसके तहत 8 से 19 वर्ग के बच्चों का चयन करके उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। इसके साथ-साथ इस योजना के तहत बच्चों को स्कॉलरशिप भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में खेल स्टेडियमों का निर्माण किया गया है जिसकी बदौलत ग्रामीण क्षेत्र से खेल प्रतिभाएं आगे आ रही है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए अधिकतर खिलाडिय़ों ने एशियार्ड और कॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीतकर सिद्ध कर दिया है कि आने वाले समय में वे प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
प्रदेश में खिलाडिय़ों का खुराक भत्ता दोगुना किया गया है और खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ाई गई है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों को उच्च पदों पर भर्ती किया जा रहा है जिससे प्रदेश के खिलाड़ी खेलों में भविष्य देखने लगे है।

औद्योगिक विकास में नंबर 1 हरियाणा: हुड्डा

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हूडा और ई.एन.बी खबर के संपादक सुनीत सरदाना
नई दिल्ली 24 नवम्बर(सुनीत सरदाना)प्रति व्यक्ति आय के मामले में हरियाणा पूरे भारत में गोवा के बाद दूसरे स्थान पर आता है । हरियाणा के लोग मेहनती होने के साथ साथ हक-हलाल कि कमाई कर के और बड़े पैमाने पर खेती करके पूरे भारत को अन्न दे रहे हैं।हरियाणा में खेती के साथ साथ उद्योगों को भी बढ़ावा मिल रहा है।सरकार कि उद्योग नीति का ही नतीजा है कि आज हरियाणा औद्योगिक विकास में नए आयाम प्राप्त कर रहा है और औद्योगिक विकास में नंबर 1  है । यह कहना है हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का,हुड्डा प्रगति मैदान में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में हरियाणा मंडप के बाहर ई.एन.बी खबर के सम्पादक सुनीत सरदाना से विशेष बातचीत में कहे । बातचीत में उन्होंने बताया कि हरियाणा में विकास कि लहर चल रही है । जो काम 40 साल में नहीं हुए,वो काम उनकी सरकार ने अपने साढ़े 5 साल के कार्यकाल में करवाए गए हैं और हरियाणा कि जनता ने जो उनमें विश्वास दिखाया है,वे उस पर खरा उतरेंगे। उन्होंने इस विकास का श्रेय यू.पी.ए गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गाँधी,प्रधानमन्त्री डॉ. मनमोहन सिंह को दिया । इस अवसर पर उन्होंने ई.एन.बी खबर के बारे में कहा की मैं आशा करता हूँ की ई.एन.बी खबर इसी तरह अपने पाठकों तक सच्ची,निष्पक्ष खबरें जनता तक पहुंचाएगी,और उन्होंने ई.एन.बी खबर के पाठकों को भी अपनी शुभकामनाएं दी ।

Wednesday, November 24, 2010

जरूरी है बीजों का उचित उपचार-डॉ सहारण

सिरसा 25 नवम्बर(सुनीत सरदाना) किसी भी फसल को बोने से पहले यदि बीज का सही उपचार किया जाए तो फसलों को अनेक प्रकार के रोगों से बचाया जा सकता है।

अच्छे उत्पादन के लिए विशेषज्ञ की सलाह से किया गया बीज उपचार बहुत आवश्यक है। उपर्युक्त वाक्य पौधा रोग विशेषज्ञ डॉ एच एस

सहारण ने कार्यक्रम हैलो सिरसा में अपराजिता के साथ बातपीत के दौरान कहें। प्रस्तुत है बातचीत के संपादित अंश-

प्रश्न-गेंहू में पायी जाने वाली मु य बीमारियां कौन-कौन सी हैं और उनके मु य लक्षण क्या हैं?
उत्तर-गेंहू में निमेटोड सिमोलिया, पत्तों की कांगयारी, करनाला बंट आदि बीमारियां पाई जाती है। मोलिया बिमारी पौधें के जन्म से शुरू

हो जाती है। इसमें जड़ें झाडऩुमा तथा पत्तें पीले हो जाते है। पौधें का फुटाव कम होगा तथा खुराक की कमी लगेगी। पत्तों की

कांगयारी ऊपर के पत्तें में काली धारियां बन जाती है, बालियां कमजोर निकलेंगी। खुली कंगयारी रोग में बालियां काली हो जाती है।

ऐसे पौधें दूसरों से ल बें व पीलापन लिये होंगे। दानों की बजाय काला पाउडर बालियों से निकलेगा। इनके अतिरिक्त करनाल बंट 1929

में करनाल में पायी गई। इसमें बाल के दानों का एक तिहाई हिस्सा काला हो जाता है। इन सबसे गेंहू को काफी नुकसान उठाना पड़ता

है।

्रप्रश्न- बिजाई से पहले निमेटोड का ईलाज किस प्रकार होगा?
उत्तर- रेतीली भूमि में यह बिमारी आम पाई जाती है। इससे बचने का सबसे कारगर उपाय यही है कि फसलचक्र अपनाया जाए। दूसरा

तरीका यह है कि इसमें राज एम आर 1 की पैदावार की जाए। यदि यह बीज उपलब्ध न हो तो गेंहू बिजाई से पहले कार्बोफिरॉन    

(फिराडॉन)13 किलो एक एकड में डालकर इससे बचा जा सकताा है।

प्रश्न- सरसों की फसल में मु यत: क्या क्या बिमारियां लगती है?
उत्तर- सरसों की फसल में मु यत: सफेद रतवा, जिसमें पत्तों के नीचे सफेद दाग हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त आब्डरनेरिया ब्लाइड व

पौधा सूखना, जिसको तना गलन भी कहा जाता है आदि बिमारियां सरसों की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाती है।


प्रश्न- किसानों के दृष्टिकोण से कृषि विज्ञान केन्द्र की क्या भूमिका है?
उत्तर- किसानों को सही दिशा निर्देश उपलब्ध करवाने में कृषि विज्ञान

केन्द्र की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है । फसलों में कोई भी बीमारी

होने पर यहां से पल की जांच करवा सकते हैं जिसके आधार पर उन्हें उपचार के तरीके विशेषज्ञ द्वारा बताए जाते हैं। बीमारी की सही

पहचान नहीं होने पर किसान के खेत में जाकर भी फसलों का निरीक्षण भी किया जाता है, ताकि फसलों को विभिन्न रोगों से बचाया जा

सकें।

प्रश्न- गेंहू के बीज उपचार का क्या तरीका है?
उत्तर - गेंहू के बीच उपचार के लिए सबसे पहले तो दीमक से उपचार शामिल है। इसके लिए 40 किलो बीज में 60 एम एल

क्लोरोपारीफॉस या 140 एम एल एन्डोसलफॉन या फासमाइट 200 एम एल का दो लीटर का घोल बीज में मिलाकर रात को हवा में सूखा

लें व सुबह इसमें रेक्सिल से 40 ग्राम सूखा उपचार करें। इससे दीमक तथा अन्य तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है।

प्रश्न-  खाद व बीमारियों का क्या संबंध है?
उत्तर- यदि हम यूरिया या नाइट्रोजन की ज्यादा मात्रा डालेंगें तो जमीन व बीज से फैलने वाली बीमारियां अधिक होंगी। इसी तरह

फासफोरस तथा पोटाश डालेंगें तो कुछ बीमारियों से बचा जा सकता है। इस प्रकार कहने का अभिप्राय है कि हमें मिट्टी की जांच के

आधार पर संतुलित मात्रा में ही खाद का प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न- पेस्टीसाइड के दुरूप्रयोग पर आप किसान भाइयों को क्या सुझाव देना चाहोगे?
उत्तर- हमारे क्षेत्र में पेस्टीसाइड के दुरूप्रयोग की समस्या बहुत अधिक है। लोग नरमा कपास तथा धान की फसल में बिना सोचे समझे

पेस्टीसाइड का उपयोग करते हैं। मैं कहना चाहूंगा की कि किसान भाइयों को बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के पेस्टीसाइड का अंधाध्ूांध

प्रयोग नहीं करना चाहिए।

प्रश्न- फसल की गुणवत्ता पर विभिन्न रोगों का क्या असर होता है?
उत्तर- अनेक प्रकार के रोगों के कारण फसल की गुणवत्ता पर असर अवश्य पड़ता है। इससे वजन व पैदावार कम हो जाती है। यदि

सरसों में करनाल बंट रोग है तो निर्यात के दौरान बहुत समस्या होती है। दानों का रंग बदल जाता है व तेल की गुणवत्ता भी प्रभावित

होती है। इसलिए अच्छी फसल वही है जो किसी भी प्रकार के रोग से ग्रस्त ना हों।

प्रश्न- सिरसा में फसलों से संबंधित किस प्रकार की बीमारियां मु यत: पाई जाती है?
उत्तर- सिरसा क्षेत्र में कुछ रेतीली भूमि है कुछ धान का क्षेत्र भी है। जो रेतीला क्षेत्र है वहां नीमेटोड की समस्या बहुत अधिक है। इसके

अतिरिक्त जिंक की कमी, मैग्नीज की कमी व सल्फर की कमी भी सिरसा की भूमि में पाई जाती है। इनसे बचने के लिए मिट्टी की जांच

परम आवश्यक है।

प्रश्न- अंत में किसान भाइयों को कृषि से संबंधित क्या संदेश देना चाहोगे?
उत्तर- मैं कहना चाहूंगा कि किसान भाई बिना विशेषज्ञ की सलाह के अपनी उपजारू भूमि पर विभिन्न प्रकार के प्रयोग नहीं करने

चाहिए। विभिन्न तरह की समस्याओं से बचने के लिए फसलचक्र अपनान चाहिए, क्योंकि इससे भूमि की उर्वरता बनी रहती है।
                                                                                           

सी.एम.के कॉलेज की छात्राओं ने मोहा लोगों का मन

सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राएं

नई दिल्ली 24 नवम्बर(सुनीत सरदाना)यहाँ के प्रगति मैदान में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में हरियाणा राज्य दिवस समारोह में सिरसा के सी.एम.के स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्राओं ने दूर दूर से देखने आये दर्शकों का मन मोह लिया। राज्य दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया । उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा संतों की भूमि है और यहाँ समय समय पर अनेक संतों और महात्माओं ने जन्म लेकर यहाँ के लोगों को नयी दिशा प्रदान की है ।