Saturday, October 16, 2010

धूम धाम से मनाया जायेगा स्थापना दिवस

सिरसा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा विजयदशमी के अवसर पर देश भर में अपना 85वां स्थापना दिवस हर्र्षोल्लास से मनाया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए संघ के नगर कार्यवाह राजकुमार ने बताया कि वर्ष 1925 में विजयदशमी के ही दिन डॉ० हेडगेवार ने नागपुर में संघ की नींव रखी थी। इसी उपलक्ष्य में आगामी 17 अक्तूबर रविवार को प्रात: 7.30 बजे स्थानीय नेहरू पार्क में संघ के कार्यकर्ता पूर्ण गणवेश में एकत्रित होंगे। इसके पश्चात सभी स्वयं सेवक नगर के मुख्य बाजारों से पथसंचलन (मार्च पास्ट) करते हुए वापिस नेहरू पार्क पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि उपरोक्त कार्यक्रम के लिए स्वयं सेवकों द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा सभी कार्यकर्ता उत्साह से जुटे हुए हैं। अंत में नगर कार्यवाह राजकुमार ने सभी स्वयं सेवकों से इस अवसर पर अधिक-से-अधिक संख्या में एकत्रित होकर राष्ट्रीय एकजुटता का परिचय देने का आह्वान किया है।
 

वर्षों से अधर में लटकी ऑटो मार्केट का होगा विकास

सिरसा। लगभग अढ़ाई दशक से भी अधिक समय तक विवादों में घिरी रही ऑटो मार्केट के अब दिन जहां फिरने वाले हैं, वहीं अब तक जो ऑटो व्यवसायी ऑटो मार्केट में स्थान पाने से वंचित रह गए थे, उनकी आशाएं पूरी होती दिखाई देने लगी हैं। सिरसा की ऑटो मार्केट पर अपना-अपना अधिकार जताने वाले लोगों द्वारा पिछले लंबे समय से उच्च न्यायालय में की गई याचिकाओं को आज वापिस ले लिया। जिससे ऑटो मार्केट के विकास के दरवाजे पूरी तरह खुल गए हैं। उल्लेखनीय है कि सन 1983 में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री एंव सिरसा के विधायक लक्ष्मण दास अरोड़ा द्वारा ऑटो मार्केट का नींव पत्थर रखा गया था और कुछ समय बाद ऑटो मार्केट का व्यवसाय छुटपुट तरीके से आरंभ भी हुआ, लेकिन सही हकदारों को यहां स्थान नहीं मिला।  मंगत राय गगनेजा व चम्बा राम ने सरकार से इस जमीन का अधिक मुआवजा पाने के लिए न्यायालय से गुहार लगाई थी, क्योंकि ऑटो मार्केट के लिए इन्हीं की भूमि अधिगृहित की गई थी। वहीं हीरा लाल मिस्त्री तथा ऑटो मार्केट संघर्ष समिति सहित कुछ अन्य लोगों ने ऑटो मार्केट में प्लॉट न मिलने के कारण उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। ऑटो का व्यवसाय करने वाले कारीगरों को मार्केट में स्थान दिलाने के लिए ऑटो मार्केट संघर्ष समिति का गठन भी किया गया, जिसके बैनर तले ऑटो व्यवसायियों ने मार्केट में स्थान पाने के लिए समय-समय पर अपने-अपने ढंग से संघर्ष करते रहे थे। उक्त सभी केस दायर होने के बाद चौ. भजन लाल की सरकार बनी। इसके बाद चौ. देवीलाल, चौ. बंसीलाल, चौ. ओमप्रकाश चौटाला जैसे सरीके मुख्यमंत्री भी ऑटो मार्केट के विवाद को अपने स्तर पर सुलझाने में नाकामयाब रहे। वर्ष 2009 के अक्तूबर माह में हुए विधानसभा चुनावों में इतिहास बदलते हुए गोपाल कांडा आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े और विधायक चुने गये। विधायक बनने के बाद वे हुड्डा सरकार में शामिल हुए और उन्हें गृह राज्य मंत्री सहित अन्य विभागों की जिम्मेवारी भी सौंपी गई। राज्यमंत्री गोपाल कांडा व उनके अनुज गोबिंद कांडा ने ऑटो व्यवसायियों को उनके हक दिलाने के लिए संघर्ष किया और वह इसमें पूरी तरह कामयाब रहे। गोपाल कांडा और गोबिंद कांडा के प्रयासों से मंगत राय गगनेजा, हजारा राम, चम्बा राम, हीरालाल मिस्त्री व ऑटो मार्केट संघर्ष समिति द्वारा उच्च न्यायालय से की गई अपील को वापिस ले लिया है। अब ऑटो व्यवसायियों और मिस्त्रियों को 27 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद ऑटो मार्केट के आबाद होने और उसमें स्थान मिलने की प्रबल आशाएं हो गई हैं। इसके अतिरिक्त जो ऑटो व्यवसायी और मिस्त्री प्लॉट पाने से वंचित रह गए थे, उनको भी इस मार्केट में प्लॉट दिये जाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए सभी ऑटो मिस्त्री और ऑटो व्यवसायी कांडा बंधुओं के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।

Friday, October 15, 2010

भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों का 18 वें दिन भी प्रदर्शन जारी





लघुसचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते किसान  
सिरसा 15 अक्टूबर(सुनीत/मनप्रीत/हरविंदर/नरेंद्र)शहर के लघुसचिवालय के बाहर किसानों का प्रदर्शन जारी है . किसानों का सरकार से अनुरोध है की उनकी जमीनों को जबरदस्ती अधिग्रहित ना किया जाए 
किसानों के अनुसार उनकी जमीनें,जो की सेक्टर 21-22 में आती हैं,उन्हें औद्योगीक क्षेत्र बनाने के लिए उनसे कम दामों में छीन कर आगे उद्योगपतियों को बेचा जा रहा है. किसान कल्याण समिति के प्रधान सोमप्रकाश सेठी इस प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे हैं. सरदार पूर्ण सिंह संधू,जो की समिति के सरंक्षक हैं ने बताया की हमारी जमीनों की वास्तविक कीमत 94 लाख रुपये प्रति एकड़ है,परन्तु सरकार उन्हें केवल पचास लाख रुपये ही देने को तैयार है परन्तु वो भी किश्तों में. पूर्ण सिंह के अनुसार अगर यह भूमि अधिग्रहित कर लि जाती है तो इसके बाद लगभग 12000 लोग बेघर हो जायेंगे 
किसानों का यह भी नारा था की 1947 के  बेघर हुए लोगों को दुबारा मत उजाडो  उन्होंने मुख्य न्यायाधीश के उस कथन को भी दोहराया की किसान अपनी दस एकड़ भूमि गवा कर एक एकड़ ही खरीद पाता है. किसानों ने यह कहा की 28 सितम्बर से लेकर आज तक वो प्रदर्शन पर हैं.लेकिन सरकार की तरफ से उनकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं आया.किसानों ने चेतावनी दी है की वो किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे. अगर सरकार को भूमि चाहिए तो वह कृषि योग्य भूमि हे क्यों अधिग्रहित कर रही है  जबकि अन्य बंजर भूमि को वह उपयोग कर सकती है   

पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं अपार संभावनाएं :- जैन

सिरसा 15 अक्टूबर (सुनीत सरदाना)। मीडिया के क्षेत्र में जो विद्यार्थी अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए सैद्धांतिक पक्षों की जानकारी के साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण अति आवश्यक है। देश के कुछ गिने चुने शिक्षण संस्थान ही इस दिशा में में काम कर रहे है। इन सब में सिरसा के चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय का पत्रकारिता विभाग इस मामले में अग्रणी संस्थानों में गिना जा सकता है।यह कहना है  नई दिल्ली स्थित इंदिरा गाँधी मुक्त विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर पदमिनी जैन ने,वे यहाँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थी । पत्रकारिता विभाग में आयोजित विस्तार व्याखान की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान ने की।आईआईएमसी की पूर्व छात्रा कुमारी पद्मिनी जैन ने अपने विद्यार्थी जीवन के कुछ विशेष पलों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया और बताया कि आईआईएमसी में पढ़ाई के दौरान मिले फील्ड में काम करने के अवसरों ने उनके हुनर 
को नई धार प्रदान की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता शिक्षा में इस तत्व को देश के कुछेक विभाग ही समझ पाए हैं। 
उन्होंने कहा कि चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय का पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ऐसे विभागों में से एक है जो छात्रों को पर्याप्त व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा संचालित सामुदायिक रेडियो तथा न्यूज पोर्टल छात्रों को लिखने व बोलने की कला में प्रवीण बनाने में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। इसी तरह विभाग द्वारा प्रकाशित डीआरडीए की पत्रिका गांव की ओर का प्रकाशन छात्रों को प्रिंट मीडिया क्षेत्र में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। इन सभी अनूठे उपक्रमों का  लाभ लेकर विद्यार्थी स्वयं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर सकते हैं। 
जैन ने कहा कि जनसंचार में डिग्री करने के पश्चात मीडिया के क्षेत्र में आपार संभावनाए मौजूद है, लेकिन व्यवहारिक प्रशिक्षण के बल पर ही विद्यार्थी इन अवसरों का लाभ ले सकते हैं। उन्होनें माना कि इस विभाग के छात्र अत्यंत भाग्यशाली है जो उनका विभाग न्यूज पोर्टल भी चला रहा है जिससे कि उन्हें ऑनलाइन पत्रकारिता का भी व्यवहारिक ज्ञान मिल रहा है।
विद्यार्थियो कें प्रश्नों के जवाब में उन्होंने विज्ञापन एजेंसी में बिताए अपने अनुभवों को बांटा तथा इस क्षेत्र में चुनौतियों से भी विद्यार्थियों को रुबरु करवाया। विभाग के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान ने इस अवसर पर विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे विभाग में उपलब्ध सामुदायिक रेडियो स्टेशन, वेबकांफ्रेंसिंग सिस्टम,समाचार पोर्टल व टेलीविजन स्टूडियो समेत विभिन्न सुविधाओं का अधिकाधिक उपयोग करते हुए अपनी क्षमताओं को विकसित करें। इस अवसर पर विभाग के अन्य प्राध्यापकगण रविंद्र, विकास, कृष्ण, रचना,सुरेन्द्र,पूनम व राममेहर भी मौजूद थे।

Sunday, October 10, 2010

योग शिविर संपन्न

साधकों को योग क्रियाएं करवाते हेमराज सपरा 
योगाचार्य हेमराज सपरा को उपहार देते दुनीचंद जाखड

ऐलनाबाद 10 अक्टूबर(सुनीत सरदाना) पतंजलि योगपीठ एंव भारत स्वाभिमान ट्रस्ट हरिद्वार के तत्वाधान में पतंजलि योग समिति ऐलनाबाद द्वारा पिछले एक सप्ताह से चल रहा योग शिविर आज भारत माता के जयकारों और हास्यासन के साथ समाप्त हुआ इसी माह की 3 अक्टूबर को शुरू हुए इस शिविर में तहसील प्रभारी हेमराज सपरा ने सभी आये हुए साधकों को योग एंव प्राणायाम के महत्व और इसको करने से हुए फायदों के बारे में बताया और नए साधकों को योग एंव प्राणायाम की क्रियाएं करवाईन्होंने साधकों को बताया की योग क्रियाओं एंव प्राणायाम को सही तरीके से करके हम अपनी सेहत को सही रख सकते हैं जिसके कारण हम लम्बी आयु तक जी सकते हैं, और हमारे शरीर में जो भी बीमारियाँ है वे सब प्राणायाम और योगिक क्रियाओं से ही दूर हो सकती हैं  इसलिए स्वस्थ रहने के लिए हम सभी को इन आसनों को कर के लाभ उठाना चाहिए । वार्ड न. 11 में 7 दिन तक चले इस योग शिविर के समापन अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए दुनीचंद जाखड ने उपस्तिथ साधकों को कहा की योग के द्वारा ही हम निरोग रह सकते हैं और स्वामी रामदेव द्वारा चलाये गए इस अभियान पर उन्होंने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की और उन्होंने आज समापन के अवसर पर योग प्रशिक्षक हेमराज सपरा व उनकी सहयोगी सरोज रानी को वार्ड वासियों ने उपहार देकर सन्मानित किया इस मौके पर वार्ड के सभी महिलाओं अनीता,ममता, किरण, प्रिया जाखड,कमला रानी,संतोष रानी,राजिंदर कौर के अलावा सुभाष जाखड, मदन,मांगेराम जे.ई ,प्रेम डोडा सहित कई वार्ड वासी मौजूद थे

Monday, October 4, 2010

भारतीय वायु सेना विश्व के सर्वोतम वायुसेनाओं में पहले स्थान पर ;- सब्बरवाल

ग्रुप कॅप्टन अनिल सब्बरवाल केंद्र निदेशक वीरेंद्र सिंह चौहान के साथ
सिरसा 4 अक्टूबर(सुनीत सरदाना)। भारतीय वायुसेना विश्व की श्रेष्ठतम वायुसेनाओं में शुमार है और वे देश के आकाश की रक्षा करते हुए किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। यह टिप्पणी वायुसेना स्टेशन सिरसा के कमांडर ग्रुप कैप्टन अनिल सब्बरवाल ने चौधरी देवीलाल विवि के सामुदायिक रेडियो पर कॉल- इन कार्यक्रम हैलो सिरसा में की। सामुदायिक रेडियो के केंद्र निदेशक वीरेन्द्र सिंह चौहान के साथ क्षेत्र के लोगों से रूबरू हुए अनिल सब्बरवाल ने भारतीय वायुसेना के अतीत व वर्तमान के साथ भावी चुनौतियों से दोचार होने की उसकी तैयारियों से जुड़े सवालों के बेबाकी से जवाब दिए। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक प्रोद्यौगिकी से लैस और अपने समर्पित व दक्ष सैन्यबल के दम पर भारतीय वायुसेना ने वैश्विक स्तर पर बेजोड़ मुकाम हासिल किया है।आठ अक्तूबर को पड़ने वाले वायु सेना दिवस के संदर्भ में हुई इस बातचीत में वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी सब्बरवाल ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक देश पर जब जब युद्ध थोपे गए, भारतीय वायुसेना ने अत्यंत प्रोफेशनल अंदाज में अपनी क्षमताओं का लोहा मनवाया। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता के बाद जब जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी फौज कबाइलियों के वेश में श्रीनगर तक आ धमकी थी तो वायुसेना ने विकट व विपरीत स्थितियों के बीच भारतीय सेना को धुर मोर्चे पर पंहुचाने का चुनोतीपूर्ण कार्य बखूबी किया था। पैंसठ के युद्ध में लौंगेवाला के मोर्चे पर कई दर्जन पाकिस्तानी टैंकों की कब्रगाह बनाकर भारतीय वायुसेना ने दुश्मन के दिल्ली तक दस्तक देने के इरादों को नेस्तोनाबूद कर दिया था। गु्रप कैप्टन सब्बरवाल ने कहा कि उन्नीस सौ इकहत्तर की लड़ाई में पूर्व व पश्चिम दोनों ही मोर्चों पर वायुसेना ने उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि ले. जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के समक्ष जन. नियाजी की अगुआई में हुए विश्व के  आज तक के सबसे बड़ा सैन्य समर्पण का आधार उसके चंद रोज पहले पूर्वी पाकिस्तान के गर्वनर निवास पर भारतीय वायुसेना के सटीक हमले ने तैयार कर डाली थी।
करगिल युद्ध में उत्तर के मोर्चे पर युद्ध में प्रतिभागिता कर चुके ग्रुप कैप्टन सब्बरवाल ने कहा कि कारगिल क्षेत्र में दुर्गम चोटियों पर चोरी छिपे आ जमे पाकिस्तानी सैनिकों व घुसपैठियों को उल्टे पांव भागने को विवश करने में वायुसेना की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि लक्ष्य को सटीक ढंग से भेदने की भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता व सिद्धहस्तता किसी भी अन्य वायु सेना के मुकाबले इसे अद्वितीय बनाती है। चौहान के एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं में अधिकारियों पद रिक्त अवश्य हैं मगर मीडिया में आने वाले रिक्तियों संबंधी आंकड़े अक्सर सही नहीं होते। उन्होंने युवा पीढ़ी का आवहान किया कि वह वायुसेना में कॅरियर बनाने के लिए आगे आए।उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ऐसा कॅरियर प्रदान करती है जिसमें चुनौतियां व रोमांच तो है ही, देश के लिए कुछ कर गुजरने के अवसर भी आते हैं। उन्होंने कहा कि वायुसेना में पॉयलट के रूप में भर्ती के एनडीए व सीडीएस के रास्तों के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों की भी आवश्यकता होती है। इसके अलावा बड़ी संख्या में एयर मैन भी भर्ती किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब के निकटवर्ती नगर बठिंडा में जल्द एयरमैन की भर्ती के लिए रैली आयोजित होने जा रही है।एक श्रोता के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि जल्द ही एयरफोर्स स्टेशन में सूर्य किरण के एयर शो सरीखा कोई आयोजन करने की योजना भी बनाई जाएगी।
ग्रुप कैप्टन सब्बरवाल ने कहा कि स्थानीय नागरिकों का सहयोग सिरसा एयर फोर्स स्टेशन को हमेशा प्राप्त हुआ है।उन्होंने  नागरिकों का आवाहन किया कि वे खराब खाद्य सामग्री खुले में न फेंकें चूंकि इन्हें खाने को उमड़ने वाले पंछी वायुसेना की उड़ानों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने नागरिकों को संदिग्ध व अजनबी लोगों की गतिविधियों पर पैनी निगाह रखने का आवावहन भी किया। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में इलाके के गांवों के लोगों के उनकी नियमित बैठकें भी होती है।
कार्यक्रम के बाद उन्होंने मीडिया सेंटर स्थित टीवी स्टूडियो व वेब कांफ्रेंसिंग सुविधा का मुआयना किया। स्टेशन कमांडर ने पत्रकारिता विभागाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान के साथ बातचीत में वायुसेना कर्मियों के लिए जनसंचार का कोई सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने की संभावनाओं पर भी विमर्श किया। इस अवसर पर शिक्षण सहयोगी सुरेंद्र व राम मेहर भी मौजूद थे। 


Saturday, October 2, 2010

रक्तदान शिविर का आयोजन

रक्त्दानियों को सम्मानित करते विश्वविद्यालय के कुलसचिव मनोज सिवाच 
रक्तदान करते पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान व अन्य 
सिरसा, 2 अक्तूबर(सुनीत सरदाना)। मेगा वेल्फेयर सोसायटी द्वारा महात्मा गांधी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आज स्थानीय शिव शक्ति ब्लॅड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सोसायटी सदस्यों द्वारा मरणोपरांत नेत्रदान के फार्म भी भरे गये। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्यातिथि चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मनोज सिवाच थे, जबकि विशिष्ट अतिथि जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. विरेन्द्र चौहान थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार बलजीत सिंह व समाज सेवी तरसेम मिढा ने की। रक्तदाताओं को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मनोज सिवाच ने कहा कि रक्तदान करके हम दूसरों को नया जीवन दे सकते हैं। वहीं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. विरेन्द्र चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ व्यक्ति को हर तीन महीने बाद रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान करने से शरीर में किसी तरह की कोई कमी नहीं आती है। इस अवसर पर सोसायटी सदस्यों सहित विरेन्द्र चौहान ने भी रक्तदान किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार बलजीत सिंह ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पावन जन्मदिवस के अवसर पर रक्तदान करना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में नन्हें मेहमान जसकीरत गगनेजा, उनकी दादी बलजीत कौर उपस्थित हुए। रक्तदान शिविर के पश्चात सोसायटी सदस्यों द्वारा नेत्रदान के फार्म भी भरे गये। मेगा वेल्फेयर सोसायटी के प्रधान अविनाश फुटेला व मुख्यातिथि मनोज सिवाच ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र वितरित किये। समापन अवसर पर सोसायटी के सदस्यों द्वारा मुख्यातिथि व अन्य मेहमानों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।